फूल खिले लागल - बृजमोहन प्रसाद 'अनाड़ी'
फूल खिले लागल, सुख मिले लागल, अब बुझाता बसन्त मधुमास आ गइल। कहीं कलि पर अलि बिहार करता, कोइलरियो के दिल में हुलास आ गइल। फूल खिले लागल ……….॥...
फूल खिले लागल, सुख मिले लागल, अब बुझाता बसन्त मधुमास आ गइल। कहीं कलि पर अलि बिहार करता, कोइलरियो के दिल में हुलास आ गइल। फूल खिले लागल ……….॥...
जवानी जोश के आगार होला लबालब प्रेम-पारावार होला। डगर में पाँव थम-थम के उठाईं अनेसा बहके के हर बार होला। धरेला ठीक से पतवार सेही मजे में पार ...
अपुसे के रार में हेराइ गइल बखरा, टुकी- टुकी घरवार हाय रे बखरा। देसा-देसी घूमि सब शहरे पराइल गाँव के पिरितिया दुकहवाँ हेराइल गाँव ना भइल भइल ...
कवने सुगना पे गोरी तू लुभा गइलू हो। कवने सुगना पे… उड़ि-उड़ि ऊँचे अकसवा में बोले, पंख पसारे पवन संग डोले, अइसना से नेहिया लगा गइल हो। कवने स...
मक्खड़ पहलवान। एही नाँव से उनुके सभे बोलावे स्कूल में। पढ़े - लिखे में जेहे - सेहे। पहलवानी में खूब मन लागे। रोज अखाड़ा पर जा के दू - तीन घं...
सरगम-सरगम गूँजे गीत के लहरिया, पोर-पोर बाजि उठे, प्रीत के बंसुरिया। लय पऽ लय बांधि गइल छंद-छंद ढल के, ताल-ताल पऽ लहरे, कंठ से निकल के, जिनिग...
अब ना सहात बा, कोइलिया के बोलिया बोले बसवरिया पर भोर के पहरिया तऽ लागे जइसे गोलिया। अब ना सहात बा……….॥ सेजिया पर लोटेली काली रे नगीनिया, रोज...
फुलेसर के बेटा के देखनहरू उनके भितरिहा टोह लेबे खातिर बुधन की दुकान पर जा के पहिले त बिना गरजे कई चीज के भाव पुछलें, फिनु बिना मन के दू-चार ...
नारी केवल जीवन के दाता ना हई, ऊ आपने-आप में सृष्टि के हरेक गुण के समाहित स्वरूप हई। उनकर हर काम,हर विचार आ हर छुअन जीवन के एगो नया अर्थ आ नय...
कहिया ले अइबऽ मोरे पिया परदेसिया पतिया पेठवत नइखऽ तुहि बाड़ जिनगी के संघतिया कहिया ले अइबऽ..... संघे रातदिन रहे के सपना सजवली तोहरे सुरतिया अ...
ए बेटा सुत जा बाबू, फिर उठिहऽ बिहान, देखिह आपन बाबूजी के, जोतत उनकर खलिहान, मामा के संग खेत घूमिहऽ, हम सबके माथा चुमिहऽ, तोहरे प्यार करे ला ...
गीत जिनिगी के छन-छन, निहार लिखली, जवन पवलीं अँजोर या, अन्हार लिखलीं। केतने गुजरल ना जाने तपन जेठ के, केतने सावन के रिम-झिम फुहार लिखलीं। जवन...
'तू आपन रहनि सुधरबऽ कि हम कहीं जा के डूबि - धसि जाईं?' - आजु सुनरी अपना मरद से बहुते कड़क सुर में पुछली। 'हमरा रहनि में का भइल ब...
सारी सारी रतिया जगावे। कोईलि तोरी बिरहिन बोलिया। सारी-सारी… एक तऽ डोलावे रामा पूरूबी बयरिया, दूजे सुधि आवे परदेसिया संवरिया, रहि-रहि अगिया ल...
आँतर के बात खुलि के बतावेला चेहरा मत पूछीं, का बवाल मचावेला चेहरा आँखिन से झर के लोर समुन्दर बन भले हुलसत हिया रहेला त गावेला चेहरा अइसन ना ...
लाली-लाली डोलिया हो हमरी दुअरिया पिया मोरा लेईके अइलें संगवाँ में चारि रे कहाँर। पिया मोरा लेईके… अबहीं उमरिया मोरी बारी रे अनारी कि जिया मो...
तरकुल के छाँव में नफरत के गाँव में कतना पैमाल भइल जिन्दगी! पीरा अँगेज के सपना सहेज के बंधक पड़ल बाटे धड़कन करेज के दर्द पोर-पोर ले अँखियन मे...
जब रात में शहर के रोशनी एक-एक कऽ के जल उठेला तऽ लागेला कि धरती पर तारा उतर आइल होखे। हर फ्लैट के खिड़की से पीयर-पीयर रोशनी बाहर झरेला, आ दूर...
कइसे चलेलें सुरुज-चनरमा धरतिया हे पिया केकर बनावल? सुरुज-चनरमा चलें अपने गतिया धरतिया हे धनि गति के बनावल। माटी में बोके आपन परनवां फसलिया ह...
बदरा एतनी कहल मोरा करिहऽ। बदरा… जबने हि देसवा पिया मोरा होइहें, रिम झिमि जाइ बरसिहऽ। बदरा… बीते असाढ़ सावन घर आवे, बैरिन बुनियाँ हो बिरहा जग...
पइसा विकासे कऽ खाय गइलै, आयल चुनाव फेरु आय गइलैं॥ एमएलए एमपी औ गाँव परधानी। जीत होइ जाला तऽ काटैले चानी। जन हित कऽ सपना भुलाय गइलै, आयल चुना...
रोपेया के चमक-दमक जब आपन रुप देखावे ला त मति फिरि जाला,आंखि प गुरुर के छोपनी चढ़ि जाला,मति उलुटा हो जाला आ मन बेलाम घोड़ा बन जाला।बड़का- बड़...
बतलावा दूनों भाई हो, रघुराई हो, कइसे लेहीं उतराई हो। लालच बस लेईं खेवाई, डर लागेला जे सुनि पाई, दुनियाँ मोर हँसी उड़ाई हो, रघुराई हो, कइसे ल...