संपादकीय

माटी साहित्य सम्मान 

नीमन साहित्य कऽ सिरजना एगो बहुते मेहनती अउरी उझुराह काम हऽ। दिन महीना लाग जाला तब कहीं केवनो बढिया रचना सोझा आवे ले। बाकिर ए मेहनत के बदला में साहित्यकार के इज्जत के छोड़ि के कुछू ना मिले ला अउरी साहित्यकार एकरा से बेसी के आसो ना राखे ला। 
मैना: भोजपुरी साहित्य कऽ उड़ान खातिर अनेकन साहित्यकार लिखत बाड़ें जेमे से कुछ लोग बहुत बढिया लिखत बा। जरुरी बा जे बढिया लिखत बा ओके ओह हिसाब से इज्जत मिलो एसे पत्रिका ई निरनय ले ले बिया कि हर साल पत्रिका खातिर बढिया लिखे वाला एगो रचनाकार के 'माटी साहित्य सम्मान' दिहल जाई। 'माटी साहित्य सम्मान' के ले के कुछ नियम बनावल गइल बा।

नियम:-

  1. मई से अप्रैल के बीच पत्रिका में छपल रचनन के एह सम्मान खाती चयनित कइल जाई। 
  2. केवनो रचनाकार के अलगा से आवेदन करे के जरुरत नइखे। निर्णायक मंडल खुदे दस गो सभसे बढिया रचनन के एह सम्मान खातिर चयनित कऽ लिही अउरी ओकर लिखित सूचना सगरी साहित्यकारन के दे दिहल जाई। 
  3. दसो रचना अउरी साहित्यकारन के बारे में सगरी सूचना पत्रिका में प्रकासित कइल जाई।
  4. निर्णायक मंडल में तीन गो सदस्य रहीहें; पत्रिका कऽ संपादक, सहायक संपादक अउरी अध्यक्ष जे एगो बहरी कऽ साहित्यकार रहीहें। 
  5. हर साल अध्यक्ष कऽ नाँव कऽ घोषणा कऽ दिहल जाई।
  6. निर्णायक मंडल कऽ निरनय अंतिम रही।
  7. सम्मान में एगो प्रमाण पत्र दिहल जाई। 

सम्मान से जूड़ल सूचना:-

माटी साहित्य सम्मान - 2015 खातिर चयनित रचनाएँ
माटी साहित्य सम्मान - 2015 कऽ घोषणा

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