मिले ना सँवरिया हमार - भोलानाथ गहमरी
धरती अकास आजु मिले गरवा डार कतहीं मिले ना सँवरिया हमार, सखिया! थाके रहिया निहार दूनो अँखिया उघार नाही आवे निरमोहिया हो मोरे रखवार उठे जीयरा ...
धरती अकास आजु मिले गरवा डार कतहीं मिले ना सँवरिया हमार, सखिया! थाके रहिया निहार दूनो अँखिया उघार नाही आवे निरमोहिया हो मोरे रखवार उठे जीयरा ...
कवने सुगना पे गोरी तू लुभा गइलू हो। कवने सुगना पे… उड़ि-उड़ि ऊँचे अकसवा में बोले, पंख पसारे पवन संग डोले, अइसना से नेहिया लगा गइल हो। कवने स...
सरगम-सरगम गूँजे गीत के लहरिया, पोर-पोर बाजि उठे, प्रीत के बंसुरिया। लय पऽ लय बांधि गइल छंद-छंद ढल के, ताल-ताल पऽ लहरे, कंठ से निकल के, जिनिग...
गीत जिनिगी के छन-छन, निहार लिखली, जवन पवलीं अँजोर या, अन्हार लिखलीं। केतने गुजरल ना जाने तपन जेठ के, केतने सावन के रिम-झिम फुहार लिखलीं। जवन...
सारी सारी रतिया जगावे। कोईलि तोरी बिरहिन बोलिया। सारी-सारी… एक तऽ डोलावे रामा पूरूबी बयरिया, दूजे सुधि आवे परदेसिया संवरिया, रहि-रहि अगिया ल...
लाली-लाली डोलिया हो हमरी दुअरिया पिया मोरा लेईके अइलें संगवाँ में चारि रे कहाँर। पिया मोरा लेईके… अबहीं उमरिया मोरी बारी रे अनारी कि जिया मो...
बदरा एतनी कहल मोरा करिहऽ। बदरा… जबने हि देसवा पिया मोरा होइहें, रिम झिमि जाइ बरसिहऽ। बदरा… बीते असाढ़ सावन घर आवे, बैरिन बुनियाँ हो बिरहा जग...
पात-पात दुअरे के महुआ फुलाइ गइल अँगना फुलेला कचनार। कि हो मोरे अँगना फुलेला कचनार… हमरी अटरिया पऽ चाँदनी थिरके, चाँदनी थिरके तऽ पायलिया झनके...
देशवा के दिलहु वरदान, मइया भारती देशवा के दिलहु वरदान । घर-घर में एकता के बहली बेयरिया, उगेला लगनिया के चान। सुरूज किरीन बनि जगली जवनिया म...
डोले चइत-बइसखवा पवन, हंसि मारे अगिनिया के बान….. धरती के जैसे ढरकलि उमिरिया, तार-तार हो गइली धानी चुनरिया, कुम्हला गइल फूलगेनवा बदन…...
उठेला करेजवा में पीर बारी धनियां उठेला .......... । तोहरे कारन गोरी घर बार छोड़लीं छोडलीं नगरिया के लोग ओही कलकतवा के छोड़लीं नोक...
काँट –कुश से भरल डगरिया, धरीं बचा के पाँव रे माटी ऊपर, छानी छप्पर, उहे हामरो गाँव रे….. चारों ओर सुहावन लागे, निर्मल ताल-तलैया, अम...
डोलि गइल पतइन के पात-पात मन, जब से छु गइल पवन। पाँव के अलम नाहीं बाँह बे-सहारा, प्रान एक तिनिका पर टंगि गइल बेचारा, लाग...
जब-जब देसवा पर परली बिपतिया मोर सिपाही हो, जिया के तूँही रखवार बाप-महतारी तेजलऽ तेजलऽ जियावा मोर सिपाही ...
कवने खोतवा में लुकइलू आहि रे बलमु चिरई। आहि रे बलूम चिरई, आहि रे बलमु चिरई। बन-बन ढुँढली दर-दर ढुँढली ढुँढली नदी के तीरे सांझ क...
ताड़ पर से उतरल खजूरे पर अँटकल सपना के जंगल में आगि कहीं दहकल। सपना... जिनिगी के पोखरा में रोज पड़ल जाल, बाहर से भीतर ब...