
झर झर बरसेला पनिया - गणेश नाथ तिवारी 'विनायक'
अरे रामा झर झर बरसेला पनिया भिजेली मोर धनिया ए रामा। घनघोर घटा नभ छावे बदरिया चम चम चम चम चमके बिजुरिया आरे रामा नाचेला मोरवा मोरिनिया भिजेल...
अरे रामा झर झर बरसेला पनिया भिजेली मोर धनिया ए रामा। घनघोर घटा नभ छावे बदरिया चम चम चम चम चमके बिजुरिया आरे रामा नाचेला मोरवा मोरिनिया भिजेल...
प्रेम एगो अइसन लड़िका जिनका पर घर परिवार के पूरा जिम्मेदारी रहे, ऊ अपना परिवार में बड़ रहले एहिसे उनका हर चीझु के ख्याल रखे के रहे,अपना परिवार...
बढ़ल महंगाई बाटे तनिको ना सोहाता। जातिये धरम पर खाली खतरा बुझाता॥ कहे खातिर पुरहर भइल बा विकास धरती पर कुछ्वु ना बाटे मय आकाश। जनता की अँखिया...
उठऽ उठऽ मोर किसनवा विहान हो गइल चारुओर चिडियन के चिहचीहान हो गइल। उठ धरती मइया के चरण दबाव दुअरा पर गइया के लेहना लगाव दुधवा पी ...
उठऽ उठऽ मोर किसनवा विहान हो गइल चारुओर चिडियन के चिहचीहान हो गइल। उठ धरती मइया के चरण दबाव दुअरा पर गइया के लेहना लगाव दुधवा पी ...
1. उठऽ उठऽ मोर किसनवा विहान हो गइल चारुओर चिडियन के चिहचीहान हो गइल। उठ धरती मइया के चरण दबाव दुअरा पर गइया के लेहना लगाव दुधव...
"अरे बुचिया! ई का होइ? किताब!!" "सब फेकऽ फाकऽ, किताब आ डिग्री ई कुल लइकन के हाथे निमन लागेला"। "आज ई सब किताब...
कइसे जइबू गोठिनी बजरिया नजरिया लड़ि जाई सजनी। किने जइबू तू तs सेल्हि साथे रहिहे तोहार सहेली लइका बोलिहे खूबे टीबोलिया नजरिया लड़ि जाई स...
हरियाली के महीना, झिसीया परेला रोज मनवा नइखे लागत, संघतिया बिना मौज। रही पहिले गउआ, त ऽ होखे रोज मीटिंग बाबा तर विहाने, त ऽ होखे रोज सिटिं...
लोग बाप दादा के निशानी छुपवले जाता आपन रोज नया नया कहानी बनवले जाता॥ लोक लाज हया सब ताखा पर रखले बा झूठो के आँखिन से लोर पानी गिरवले जा...
नाफ़ा खातिर नटई, नरेटल गइल माठा लेखा पुरहर, फेटल गइल जब सांच पर आंच, ना आइल तनिको ना कढ़ी भइल ना बरी भइल, फेकल गइल लोग के लो...