कइसे खेले जइबू सावन में कजरिया

कइसे खेले जइबू सावन में कजरिया
बदरिया घेरी आइल ननदी।

घाटा घेरले बा घनघोर
बिजली चमके चारुओर
रिमझिम बरसेला बदरिया
बदरिया घेरी आइल ननदी।

संगे साथ ना सहेली
कइसे जइबू तू अकेली
बीचे गुंडा लोग रोकिहे डगरिया
बदरिया घेरी आइल ननदी।

केतना गुंडन के मखवइबू
केतना के जेल भेजवइबू
केतना पिसत होइहे जेल में चकरिया
बदरिया घेरी आइल ननदी।
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पारम्परिक कजरी

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