कहीं जीत कहीं हार - भोलानाथ गहमरी
गीत जिनिगी के छन-छन, निहार लिखली, जवन पवलीं अँजोर या, अन्हार लिखलीं। केतने गुजरल ना जाने तपन जेठ के, केतने सावन के रिम-झिम फुहार लिखलीं। जवन...
गीत जिनिगी के छन-छन, निहार लिखली, जवन पवलीं अँजोर या, अन्हार लिखलीं। केतने गुजरल ना जाने तपन जेठ के, केतने सावन के रिम-झिम फुहार लिखलीं। जवन...
सारी सारी रतिया जगावे। कोईलि तोरी बिरहिन बोलिया। सारी-सारी… एक तऽ डोलावे रामा पूरूबी बयरिया, दूजे सुधि आवे परदेसिया संवरिया, रहि-रहि अगिया ल...
आँतर के बात खुलि के बतावेला चेहरा मत पूछीं, का बवाल मचावेला चेहरा आँखिन से झर के लोर समुन्दर बन भले हुलसत हिया रहेला त गावेला चेहरा अइसन ना ...
लाली-लाली डोलिया हो हमरी दुअरिया पिया मोरा लेईके अइलें संगवाँ में चारि रे कहाँर। पिया मोरा लेईके… अबहीं उमरिया मोरी बारी रे अनारी कि जिया मो...
तरकुल के छाँव में नफरत के गाँव में कतना पैमाल भइल जिन्दगी! पीरा अँगेज के सपना सहेज के बंधक पड़ल बाटे धड़कन करेज के दर्द पोर-पोर ले अँखियन मे...
कइसे चलेलें सुरुज-चनरमा धरतिया हे पिया केकर बनावल? सुरुज-चनरमा चलें अपने गतिया धरतिया हे धनि गति के बनावल। माटी में बोके आपन परनवां फसलिया ह...
बदरा एतनी कहल मोरा करिहऽ। बदरा… जबने हि देसवा पिया मोरा होइहें, रिम झिमि जाइ बरसिहऽ। बदरा… बीते असाढ़ सावन घर आवे, बैरिन बुनियाँ हो बिरहा जग...
पइसा विकासे कऽ खाय गइलै, आयल चुनाव फेरु आय गइलैं॥ एमएलए एमपी औ गाँव परधानी। जीत होइ जाला तऽ काटैले चानी। जन हित कऽ सपना भुलाय गइलै, आयल चुना...
बतलावा दूनों भाई हो, रघुराई हो, कइसे लेहीं उतराई हो। लालच बस लेईं खेवाई, डर लागेला जे सुनि पाई, दुनियाँ मोर हँसी उड़ाई हो, रघुराई हो, कइसे ल...
कलकतवा से मोर पिया अइहें कि दू ना? चार महीना जाड़ा-पाला के दिनवाँ, पिया हमके रजइया ओढ़इहें कि दू ना? कलकतवा से... चार महीना पसेनवाँ के दिनवा...
पात-पात दुअरे के महुआ फुलाइ गइल अँगना फुलेला कचनार। कि हो मोरे अँगना फुलेला कचनार… हमरी अटरिया पऽ चाँदनी थिरके, चाँदनी थिरके तऽ पायलिया झनके...
आयल करऽ निराले में राजा कबौं कचौं। दरसन दिहल करऽ ए कन्हैया कत्रों कत्रौं॥ कुन्नन तोहार मुखड़ा वनौलन हैं रामजी, चुम्मा दिहल करऽ ए कन्हैया कबौ...
सनन नन सन सन बहेले पुरुवइया चन्दा ओढ़ावे राति चानी के चदरा सूरज उड़ावेलें सोने के बदरा बदरे में चकती लगावे मोरी नइया सनन नन सन सन... बरुण जी...
रउए बानी जननी हमार एहो मंगला माई महिमा बा राउर अपरम्पार ए मंगला माई! रउए बानी दुर्गा जी,रउए काली माई बानी, रउए बानी दुनिया जी,रउए पाई-पाई बा...
सुनऽ कोशिल्या आज कहब सब, हमरे करमवा क पाकल फल अब, खेलत रहलीं अहेर हो, बाण लागल श्रवण के, लागल श्रवण के हो लागल श्रवण के। जंगल मेंरहल कुहेस ह...
जब अचके में लोगवा भुला जाला हो। दिल के अरमान सगरी लुटा जाला हो। रोज़ जरत रहे जवन स्नेहियां के बाती, बिन हवा के ऊ काहे बुता जाला हो। केहू पूछ...
लिखली बहुत हम गीत उ गीत ना भइल गवलन हजारों लोग संगीत ना भइल। चाहत रहे जे प्यार के उ, प्यार ना मिलल खोजनी जवन बहार उ वहार ना मिलल। मिलल जवन उ...
निर्जन बर-बथान अउर घोंठा, ना त अखाड़ा ना लंगोटा। ताकत बा ब्रह्म जी के ओटा, कहाँ केहू तउला चढ़ावे? बदलल गँउआ अब ना भावे॥ पांत के पत्तल मिले न...
घूमत रहलें गल्ली-गल्ली देखत कहवाँ ऊंच-खाल बा। पूछलें रामचरितर उनुसे का हो मुखिया! का हाल बा। कवन नवकी घोषना भइल कतना फंड बा आइल रउरा घरे मुख...
जाए के, आई कब खबरिया केहू ! जाने ना। रसे-रसे बीते ले उमिरिया, केहू। जाने ना। धनवा के चाहे केहू, गहनवा के चाहे केहू, छिनि जाई अँगुरी कऽ मुनरि...