ससुरारी के बतिया - मिर्जा खोंच

ससुरारी के बतिया पर तू
अगराइल बाड़ा काहे हो?
महतारी बपसी से एतना
अझुराइल बाड काहे हो?

हम पहिले कहले रहनी कि
महंगाई बाटे दू गो बस!
आधा दर्जन के भइला पर
छितराइल बाड़ा काहे हो

ना भाषन में कवनो दम बा
चमचा जी के आमद कम बा
अब राजनीति से बबुआ हो
अगुताइल बाड़ा काहे हो

अब चढ़ल बुढौती तोहरा पर
अब ताकल झाँकल बंद करा
नैनन के तीरन में अब ले
अझुराइल बाड़ा काहे हो

जे हाय हेंडसम कहत रहे
उ आज कहे मिर्जा अंकल
ई बतिया पर तू ओकरा से
खिसीआइल बाड़ा काहे हो
---------------------------------
मिर्जा खोंच
साभार: भोजपुरी जिनगी

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें

मैना: भोजपुरी साहित्य क उड़ान (Maina Bhojpuri Magazine) Designed by Templateism.com Copyright © 2014

मैना: भोजपुरी लोकसाहित्य Copyright © 2014. Bim के थीम चित्र. Blogger द्वारा संचालित.