विविध

कहिया ले अइब - राजीव उपाध्याय

कहिया ले अइब तू संइया हमार
मनवा ना लागे इहाँ डहके हजार।
कहिया ले अइब तू संइया हमार॥

घर के चुहानी में केतना दिन काटीं
आँगन रोवेला, तिकवे ला दुवार।
कहिया ले अइब तू संइया हमार॥

बइठ दलानी हम बात कई सोचीं
होई कइसन देस-परदेस के बयार।
कहिया ले अइब तू संइया हमार॥

रात देखि-देखि बीते कुरता तोहार
अटकल ओही खुँटिया जियरा हमार।
कहिया ले अइब तू संइया हमार॥
-------------------------------------

लेखक परिचय:-

नाम: राजीव उपाध्याय
पता: बाराबाँध, बलिया, उत्तर प्रदेश
लेखन: साहित्य (कविता व कहानी) एवं अर्थशास्त्र
संपर्कसूत्र: rajeevupadhyay@live.in
दूरभाष संख्या: 7503628659
ब्लाग: http://www.swayamshunya.in/
फेसबुक: https://www.facebook.com/rajeevpens
अंक - 103 (25 अक्तूबर 2016)

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें

मैना: भोजपुरी साहित्य क उड़ान (Maina Bhojpuri Magazine) Designed by Templateism.com Copyright © 2014

मैना: भोजपुरी लोकसाहित्य Copyright © 2014. Bim के थीम चित्र. Blogger द्वारा संचालित.