महिमा बा राउर अपरम्पार ए मंगला माई - राम बहादुर राय

रउए बानी जननी हमार एहो मंगला माई
महिमा बा राउर अपरम्पार ए मंगला माई!

रउए बानी दुर्गा जी,रउए काली माई बानी,
रउए बानी दुनिया जी,रउए पाई-पाई बानी,
माफ करब गलती हमार एहो मंगला माई!
महिमा बा राउर अपरम्पार...................

रहिया बीचे रोकले बाटे, हमरा के मुदइया ,
अब कइसे आईंब ए मइया तोहरी दुवरिया
कई दिहितू हमरो बेड़ा पार ए मंगला माई!
महिमा बा राउर अपरम्पार..................

फंसल मोरी नइया ए माई, बीचे मजधरवा,
दगा देके भागल बाटे,हमरा के खेवनहरवा,
कइसे पहुँचबि तोहरी दुवार ए मंगला माई!
महिमा बा राउर अपरम्पार...................

सभ केहू रउआ के, हियरा में रखले बाटे
तोहरी चरनिया में ,सभ केहू बइठल बाटे
दूर करऽ सभकर अन्हार ए मंगला माई!
महिमा बा राउर अपरम्पार................

अभियो से देई दिहितू, हमरा के दरसनवा,
राउरे दरसन खातिर ,तड़पता हमार मनवा,
अभियो ले कई दऽ उद्धार ए मंगला माई!
महिमा बा राउर अपरम्पार.................
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राम बहादुर राय

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