पुस्तक समीक्षा: अटकन चटकन – चतुर्भुज मिश्र

अबोध मस्ती के संसार

चन्दा मामा आरे आवा... ज्ञात सभ्यता के शायद पहिलका बाल गीत (लोरी) ह। ई गीत सब से अधिक प्रसिद्ध भी ह। जवना में महतारी द्वारा लड़कन के खियावे, बहलावे, पोल्हावे, आ सुतावे के क्रम में अपना संस्कृति अउरी परिवेश के संस्कार बालक के मन पर डालल जाला। महतारी के वात्सल्य आ बालक के जिज्ञासा से पूर्ण ई गीत आ अइसने अउरी गीत ही बाल गीतन के उत्स ह।

महतारी के बालक से संवाद जवना में नेह ममता के प्रवाह के साथे अपना आस-पास के सामान्य घटना प्रकृति आ प्रवृति के मधुर आरोपण बाल मन पर करल जाला।

बाल गीत आ बाल साहित्य लइकाई के अबोध निशंक आ बिना कवनो द्वंद के बाल संसार में सामान्य मनोरंजन के साथे, साथ साथ हिल मिल के खेलला के कारण आपसी प्रेम, सद्भाव, अपना संस्कृति के अनुसार उचित संस्कार भविष्य के जीवन में काम आवे वाली ज्ञान के आधार रूप जानकारी आ समझ के दिया देवे में बड़ सहायक होला। ई ऊ ललित साधन ह जवन महतारी के लोरी से शुरू होला।

अटकन-चटकन के नाम से भोजपुरी बाल गीतन के इ संग्रह बाल मन आ बाल मनोविज्ञान के आन्तरिक तत्त्वन के सहारे लइकन के मन के छुये ही ना ओकरा के दुलरा के मानव धर्म के ओर मोड़े खातिर सार्थक प्रयास करऽ ता। पारम्परिक बाल गीतन के सहजता, परिवेश के प्रति सजगता, मन भावन अनगढ़ता आ मन में बस जाये वाला लयात्मकता के साथे सार्थक आ सटीक संदेश के प्रमुख विशेषता सब के आधार बना के एह पुस्तक के रचना भइल बा। आस-पास के वातावरण आ ओकरा में मौजूद संदर्भ साधन सूचना पर आधारित संग्रह के सब रचना जहाँ परम्परा के वहन करतारिसन ओहिजा वर्तमान समय के जरूरत भी समझ रहल बाड़िन सन। वर्तमान संगति असंगति से जूझे ला आवश्यक ऊर्जा के स्थापन भी भोजपुरी बाल भाव भाषा में सहेजले ई संग्रह महत्त्वपूर्ण हो गइल बा।

उन्नत समाज के परख ओकरा साहित्य से हो जाला। भोजपुरी के साहित्य आ ओने बाल साहित्य विशेषकर बाल गीत के अभाव रहल ह। सम्भवतः भोजपुरी बाल गीत के ई पहिलका संग्रह के रूप में स्थान पा सकेला।

इलेक्ट्रोनिक क्रांति के कारण लइका अब मोबाइल, विडियो गेम आदि के जाल में फँस के खेल कूद आ दादी नानी के कोरा में बइठ कथा कहानी सुनला से वंचित हो गइल बाड़े। एकरा कारण अपना लोग, अपना परिवेश आ अपना सभ्यता संस्कृति से दूरी बढ़ रहल बा। ई किताब एह दूरी के कम करे में भी उपयोगी होई। 

विश्वास बा कि लइकन के जीवन में नकारात्मकता के हटावे आ सकारात्मकता के सहेजे में एह संग्रह के उपयोग होई।
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चतुर्भुज मिश्र
जिला केन्द्रीय पुस्तकालय
बेतिया पं0 चंपारण
ग्राम-खिरिया मठिया
पोस्ट-बखटियागंज
जिला-पं. चम्पारण
संपादक - हाल चाल (भोजपुरी)

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