बोलऽ कबूतर - विद्या शंकर विद्यार्थी

बोलऽ कबूतर दाना खइबऽ
मैना संगे तूँ चोंच मिलइबऽ
कौआ हाँकत डीग जहाँ बा
केकरा संगे अड़ऽ तूं पइबऽ।

आइल चुनाव गाल बजइबऽ
तुहूँ भाग बोलऽ अजमइबऽ
तख्त दिल्ली के देता नेवता
लड़े खातिर तूँ धूर चढ़इबऽ।

नील गगन के हवऽ तूँ जाति
कोयल भोरे गावे परभाति
पंछी के अलग अनुशासन
वोट खाति का खून बहइबऽ।

रोड के हाल गली के दशा
जनता का करी अब आशा
नीति में घर फूंकल जाला
का तुहूँ कुछउ लहकइबऽ।

एतना नू हड़बड़ भइल बा
वोटर लिस्ट गड़बड़ भइल बा
बाप से पहिले बेटा पैदा बा
का बात के हल्ला मचइबऽ।

जखम एतहत उसुकइबऽ।
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लेखक परिचयः
नाम: विद्या शंकर विद्यार्थी
C/o डॉ नंद किशोर तिवारी
निराला साहित्य मंदिर बिजली शहीद
सासाराम जिला रोहतास (सासाराम )
बिहार - 221115
मो 0 न 0 7488674912

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