बनसी से - विद्या शंकर विद्यार्थी

रामा गाँवऽ के अहरिया में चेल्हवा मछरिया हो रामा,
बनसी से, लहुरा देवरवा फँसावे हो रामा,
बनसी से, लहुरा देवरवा फँसावे हो रामा॥

रामा बनसी के डोरिया सेवरवा ना अझुराइल हो रामा,
फफकी के, करेला देवरवा गोड़ परिया हो रामा,
फफकी के, करेला देवरवा गोड़ परिया हो रामा॥

रामा हम भउजी बानी काढ़े जानी डोरिया हो रामा,
केकरा से, करीं काढ़े के ना निहोरिया हो रामा,
केकरा से, करीं काढ़े के ना निहोरिया हो रामा॥

रामा जइसे फँसल डोरिया ओइसे ई जिनिया हो रामा
पियवे से, निकसे के निकसी बहरिया हो रामा,
पियवे से, निकसे के निकसी बहरिया हो रामा॥
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लेखक परिचयः
नाम: विद्या शंकर विद्यार्थी
C/o डॉ नंद किशोर तिवारी
निराला साहित्य मंदिर बिजली शहीद
सासाराम जिला रोहतास (सासाराम )
बिहार - 221115
मो 0 न 0 7488674912

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