जात-पात के जहर - डॉ प्रमोद कुमार पुरी

जात-पात के जहर,
मन में बो रहल बा आदमी!
आपस के प्यार सब,
अब खो रहल बा आदमी!

जात-पात के जहर .....

का होला मेल मिलाप,
हँसी ठिठोली टोनहा बोली!
जरतुआहि के फेरा में,
अब रो रहल बा आदमी!
जात-पात के जहर .....

होली दिवाली छठ व्रत,
ईद दशहरा ओरा गईल!
अपना के निमन कहावे में,
देखीं का हो रहल बा आदमी!
जात-पात के जहर .....

पटीदार पर विपद पड़े,
केहू मुए त ख़ुशी मनावे!
इ जिनगी जिनगी ना ह,
बस ढो रहल बा आदमी!
जात- पात के जहर
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लेखक परिचय:-
नाम: डॉ प्रमोद कुमार पुरी
पता: स्नेहा हेल्थ एंड एजुकेशनल ट्रस्ट, म0 नं0 67 बी 1
डॉ आंबेडकर कॉलोनी, बिजवासन , नई दिल्ली-110061
जनम थान: गाँव - नसीरा मठिया , पोस्ट - कोहड़ा बाज़ार
थाना - दाऊदपुर, छपरा - 841205
जनम दिन : 28 जनवरी 1981
कार्य: चेयरमैन (स्नेहा हेल्थ एंड एजुकेशनल ट्रस्ट ) नई दिल्ली,
चिकत्सक (ममता क्लीनिक)
दूरभाष :- 93137 43740

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