अब ना सहात बा, कोइलिया के बोलिया
बोले बसवरिया पर भोर के पहरिया तऽ लागे जइसे गोलिया।
अब ना सहात बा……….॥
सेजिया पर लोटेली काली रे नगीनिया,
रोजा करनिनिए में उचटेली निनिया,
मारेली ताना, मनमाना, जनाना, आ करेली ठिठोलिया।
अब ना सहात बा……….॥
सनन-सनन सन बहे पुरवइया,
दाहा अइसन देह डोले जइसे डोले नइया,
अखेड़ेला बाड़ा जब खाड़ा होके देखी कवनो गवने के कनिया।

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