केवट के बेजार - विद्या शंकर विद्यार्थी

दीयट ना दीया बाटे, दीयट ना किया बाटे 
आहे आहे दीनानाथ, 
कवनी ना रजवा के सोहाइल ए राम...।

हीरा अइसन बेटा बाड़े, बेटा में बड़ बेटा बाड़े 
आहे आहे दीनानाथ, 
कवनी मतरिया के बुझाइल ए राम....। 

संगवा में नारी बाड़ी, नारी सदाचारी बाड़ी 
आहे आहे दीनानाथ,
कवनी ना नगरिया के रहाइल ए राम...। 

भाई खाति भाई बाड़े, भाई ना कसाई बाड़े 
आहे आहे दीनानाथ,
कवन घर उजरिया ना चिन्हाइल ए राम ....।
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लेखक परिचयः
C/o डॉ नंद किशोर तिवारी
निराला साहित्य मंदिर बिजली शहीद
सासाराम जिला रोहतास ( सासाराम )
बिहार - 221115
मो 0 न 0 7488674912

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