समय के गंवाईं मति - देवेन्द्र कुमार राय

शासन प्रशासन लागल हिन्द के बचावे में,
छिपल मुदइया लागल झूठ फैलावे में।टेक।

लइका जवान बुढ़ देश के डेराइल बा
कोरोना से बचे खातीर घर में बन्हाइल बा,
जीनीगी बचावे खातीर जाँच करवाईं जी
डाक्टर नरस के सांच-सांच बताईं जी,
ओकरा के धरीं जवन भागता देखावे में
छिपल मुदइया---------झूठ फैलावे में।

कुछ लोग के मतलब नइखे देश जाए भांड में
छिपल बाडे़ अइसन दुश्मन धरमे के आड़ में,
धरमे के धुन में भारत बेहाल भइल
अइसन धरम अब जीव के जंजाल भइल,
सभे सहयोग करे देशवा बचावे में
छिपल मुदइया--------झूठ फैलावे में।

कोरोना के करमवीर के देवे सभे बधाई जी
अइसन देव पूजे में तनिको मति लजाईं जी,
देश के नियम में चाहीं होखे के कडा़ई
बिना भय के राय जी के छुटी ना ढिठाई,
समय के गंवाईं जनि बात समझावे में
छिपल मुदइया-------झूठ फैलावे में।
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लेखक परिचयः
जमुआँव, पीरो, भोजपुर, बिहार

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