मैना पऽ प्रतिक्रिया - डा उमेशजी ओझा

ऑन लाईन भोजपुरी पत्रिका "मैना" के प्रकाशित 116वॉ अंक बहुत ही बढ़िया बा। पत्रिका के संपादक राजीव उपाध्याय जी के भोजपुरी के प्रति लगन आ मेहनत साफ झलकत बा। एह अंक में सम्पादकीय बेजोड़ बा। जेकरा में भोजपुरी साहित्य के यात्रा कई हजार साल पुराना बतावला गईल बा। संपादकीय में उठावल आवाज़ की भोजपुरी के लोक काव्य से आपन यात्रा शुरू भईल आ आज एह में अब हर विधा में काम हो रहल बा। बाकी इहो चिंता जतावल गईल बा कि काव्य के तुलना में अउरी सभ विधा में कम काम भईल बा। एक दम सही बा खाली काव्य से भोजपुरी के पहचान ना बन पाई, एह में हर विधा में काम करेके पड़ी।

कहांनी में चौधरी कन्हैया प्रसाद सिंह के कहांनी "धोबिया पाट" बढ़िया कहांनी बा। 

केशव मोहन पांडेय के कहांनी "करनी के फल" मार्मिक अउरु ह्रदय के छुअत बा, सही भी बा कि आपन करनी के फल एहि जमनवा में भोगे के बा भाई।

प्रभाकर पांडेय के लिखल कहांनी "माई के ममता" माई के ममता के बहुत बढ़िया से दर्शावल गईल बा। 

हमरो एगो कहांनी बा "बरगद के फेड" पढ़ी सभे आपन विचार दिही। एकरा अलावे सातगो अवरू कहांनी बॉडी स, जवन अपना अपना जगह प सभ मार्मिक अवरू ज्ञान योग बाड़ी सन। पढ़ी भोजपुरी मैना।

कुल मिलाके ई अंक में संपादक के मेहनत अंक में चार चांद लगावत बा, ओहिजे लेखक के रचना आसमान में तारा निहन चमक रहल बा। अंक संग्रहणीय बा, आ बेजोड़ बा। जय भोजपुरी।
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लेखक परिचय:- नाम: डाo उमेशजी ओझा
पत्रकारिता वर्ष १९९० से औरी झारखण्ड सरकार में कार्यरत
कईगो पत्रिकन में कहानी औरी लेख छपल बा
संपर्क:-
हो.न.-३९ डिमना बस्ती
डिमना रोड मानगो
पूर्वी सिंघ्भुम जमशेदपुर, झारखण्ड-८३१०१८
ई-मेल: kishenjiumesh@gmail.com
मोबाइल नं:- 943134743

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