कटल जिनगी - विद्या शंकर विद्यार्थी

बोरा प कतना दिन कटल जिनगी
थोड़ा प कतना दिन कटल जिनगी।

माई के ममता इयाद साल आवता
कोरा प कतना दिन कटल जिनगी।

जइसे सतरूता बा महंगी सतइलस
फोरा प कतना दिन कटल जिनगी।

कमे ओढ़न पेन्हन में रहे अलमस्ति
डोरा प कतना दिन कटल जिनगी।

जीभ बिरावता मिक्सी अब सिलके
लोढ़ा प कतना दिन कटल जिनगी।

सूटकेश अब नू बिसर ना पावे विद्या
झोरा प कतना दिन कटल जिनगी।
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विद्या शंकर विद्यार्थी लेखक परिचयः
नाम: विद्या शंकर विद्यार्थी
C/o डॉ नंद किशोर तिवारी
निराला साहित्य मंदिर बिजली शहीद
सासाराम जिला रोहतास (सासाराम )
बिहार - 221115
मो 0 न 0 7488674912

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