जगबs कहिया वीर जवान - प. व्रतराज दुबे 'विकल'

दिन में भइल अन्हरिया बाटे
अइसन घिरल बदरिया बाटे
बाटे रोअत आज अंजोरिया
बकुलो लउकत करिया बाटे
धरम-करम सब धोखा खाता
थर-थर कांपेला ईमान।
जगबs कहिया वीर जवान?

ना अंगरेजी सासन बाटे
ना तुरकी सिंहासन बाटे
बाटे अब आपन अनुसासन
सगरे सतुआ-धासन बाटे
तहरा पिछुआरे आ-आ के
डिभुकs ता बइठल सैतान।
जगबs कहिया वीर जवान?

घाकड़ सभे धधाइल बाटे
छलिया सब छितराइल बाटे
बाटे कइसन मौसम आइल
भरलो पेट भुखाइल बाटे
आंख मून तंू सूतल बाड़s
कबले होई तहर बिहान।
जगबs कहिया वीर जवान?

काबू कहां लुकाइल बाटे
सुस्ती काहें आइल बाटे
बाटे के बहकवले तहके
साहस तहर सथाइल बाटे
लोहा तोहर रोके के अब
केहू के नइखे कन्तान।
जगबs कहिया वीर जवान?

बलिदानिन के बतिया देखs
माई के दुरगतिया देखs
देख तू जुलमिन के जागल
सबके मातल मतिया देखs
बेसी अबहिन बिगड़ल नइखे
उठ के तूं मारs मैदान।
जगबs कहिया वीर जवान?
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प. व्रतराज दुबे 'विकल'

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