देह से बा बड़ियार - डॉ प्रमोद कुमार पुरी

अपने हाथ से खोनत देखीं
आपन उ त क़बर बा,
देह से बा बड़ियार बाकिर
दिल से उ त अबर बा।

खाली हाथ उ आइल रहे,
खाली हाथ ही जाइ,
पाई -पाई जोड़े फिर भी
देखीं केतना सबर बा।
देह से बा बड़ियार ....

गारी-मार, ताना उलाहना,
सहत बीतेला जिनगी,
आह तक ना करे मुँह से
हौसला केतना जबर बा।
देह से बा बड़ियार ....

नाता-रिश्ता, हित-मीत,
सभके लेके चलत बा,
घिंचें जेतना घिंच सको से,
जईसे जे उ रबड़ बा।
देह से बा बड़ियार ....

माई -मेहरारू, बाप-बेटा के,
चाहत पूरा करत बा,
पियेला हर घूँट जिनगी के,
भले जे उ जहर बा।
देह से बा बड़ियार ....
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डॉ प्रमोद कुमार पुरीलेखक परिचय:-
नाम: डॉ प्रमोद कुमार पुरी
पता: स्नेहा हेल्थ एंड एजुकेशनल ट्रस्ट, म0 नं0 67 बी 1
डॉ आंबेडकर कॉलोनी, बिजवासन , नई दिल्ली-110061
जनम थान: गाँव - नसीरा मठिया , पोस्ट - कोहड़ा बाज़ार
थाना - दाऊदपुर, छपरा - 841205
जनम दिन : 28 जनवरी 1981
कार्य: चेयरमैन (स्नेहा हेल्थ एंड एजुकेशनल ट्रस्ट ) नई दिल्ली,
चिकत्सक (ममता क्लीनिक)
दूरभाष :- 93137 43740

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