संपादकीय

करम गति पाई - राजीव उपाध्याय

डुबि-डुबि मुए राम
पूतना कान्हा मुआई
गौतम कन्हाई सभ केहू
करम गति पाई॥

नेम आचार धरम सभ
पानी में गोताई
देहिया के चूवल पानी
बस साथ निभाई॥

कहिया ले जपब तू
नाम माला लेई
टूटी एक दिन रसरी
अउरी गुरिया हेराई॥
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लेखक परिचय:- 

पता: बाराबाँध, बलिया, उत्तर प्रदेश
लेखन: साहित्य (कविता व कहानी) एवं अर्थशास्त्र
संपर्कसूत्र: rajeevupadhyay@live.in
दूरभाष संख्या: 7503628659
ब्लाग: http://www.swayamshunya.in/

अंक - 102 (18 अक्तूबर 2016)

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