संपादकीय

सेजिया से सइयाँ रुसी गइलें

हो हो रे, सेजिया से सइयाँ रुसी गइलें,
हो हो रे, सेजिया से सइयाँ रुसी गइलें, कोइलिया कुहुकत बन में।
कुहुकत बन में, कुहुकत बन में।
सेजिया से सइयाँ रुसी गइलें, कोइलिया कुहुकत बन में।।१।।

हाँ रे, आन दिन बोले कोइली, घड़ी रे पहरवा,
हाँ हाँ रे, आजु काहे बोले निसुरतिया, कोइलिया कुहुकत बन में। 
हाँ हाँ रे, सेजिया से सइयाँ रुसी गइलें, कोइलिया कुहुकत बन में।।२।।

हाँ हाँ रे, होखे दे बिहान कोइली, खोंतवा उजरबों,
हाँ हाँ रे, जरी से कटइबों घन बगिया, कोइलिया कुहुकत बन में। 
हो हो रे, सेजिया से सइयाँ रुसी गइलें, कोइलिया कुहुकत बन में।।३।।

हाँ हाँ रे, दस त तरुनिया रामा चइता घाट गावे
हाँ हाँ रे, गाई-गाई सखिया बुझावे, कोइलिया कुहुकत बन में।
हो हो रे, सेजिया से सइयाँ रुसी गइलें, कोइलिया कुहुकत बन में।।४।।
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अंक - 76 (19 अप्रैल 2016)

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