संपादकीय

अब न रंगइबो केसरिया

बाबू कुँवर सिंह तोहरे राज बिनु
अब न रंगइबो केसरिया।

इतते आइल घेरि फिरंगी
उतते कुँवर दोउ भाई।

गोला बारूद के चले फिचुकारी
बिचवा में होला लड़ाई।

बाबू कुँवर सिंह तोहरे राज बिनु
अब न रंगइबो केसरिया।
------------------------
अज्ञात 
अंक - 72 (22 मार्च 2016)

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें

मैना: भोजपुरी साहित्य क उड़ान (Maina Bhojpuri Magazine) Designed by Templateism.com Copyright © 2014

मैना: भोजपुरी लोकसाहित्य Copyright © 2014. Bim के थीम चित्र. Blogger द्वारा संचालित.