संपादकीय

ठोकर - जनकदेव जनक

पुलिस हमरा के थाना में ले जाके नकसलियन के बारे में पूछ ताछ करे लागल। पूछलस कि तू ओकनी के कहवां छुपा के रखले बाड़े, सही सही बता दे ना त समझ ले का होई? 
‘ काहे मजाक करत बानी सर, जब कवनों आरोपी नइखे मिल पावत त बेकसुर लोग के काहे निसाना बना रहल बानी। निरदोषन के जिनगी खराब हो जाई। कबहू जांच होई त पुलिसिया कार्रवाई के पोल खुल जाई। ’ हम निडर होके थानेदार से साच बात कहनी। ’
‘पुलिस तोरा साथे नरमी से पेश आ रहल बिया , ताकि ते अपना साथियन के नाम, ठिकाना सही सही बता दे । अगर पुलिस से झूठ बोलले त समझ जो कि तोर पूरा खानदान जेल में सड़ जाई। तोर सब भासनबाजी हवा हो जाई। ’ थानेदार अनिल प्रसाद हमरा के घूर के देखलस, जइसे कवनों बाघ होखो । 
‘सर, लागता कि पुलिस चिलखारी के चीख भूल गइल बिया। 20 अक्टूबर 2007 के घटना याद करीं। जवना में 19 लोग नकसली हमला में मारल गइल रहे । एह मामला में पुलिस चार लोगन के गिरफ्तार कर जेल भेजले रहे। लोकल अदालत पुलिस आ गवाहन के साक्ष्य पर आरोपियन के फांसी के सजा सुनइले रहे। बाकिर हाई कोर्ट ओकर आदेश के बदल देहलस। ओह आरोपियन के साक्ष्य के अभाव में बाइज्जत बरी कर देहलस। अब स्थानीय पुलिस से लोगन के विश्वास उठ गइल बा। रउरा से निहोरा बा कि हम निरदोष बानी। रउरा फंसावे के कोशिश मत करीं। ’ हम बिना डर भय के आपन बात रखे के कोशिश कइनी। 
‘बहुत खूब, बहुत खूब। ते हमारा तफ्तीश के चुनौती देत बाड़े. चिलखारी में का भइल रहे हमरा तोरा से जाने के पड़ी! ते बड़गलाये के प्रयास छोड़ दे, नाम आ पता बतावला के बाद हम तोरा के सरकारी गवाह बना के बचा लेम, ना त पुलिस जीप से कूद के भागे वालान के अंजाम का होला कुछ पता बा! आखिरी बार पूछत बानी केहू के नाम पता लिखा दे, तोर जान बकस देम।’
हमार गिरफ्तारी के खबर पाके संगे संबंधी लोग थाना में जुटे लागल । दिन भर लोग के भीड़ बढ़त गइल। थानेदार पर थाना से छोड़ देवे के पैरवी बढे लागल, परेसान थानेदार सांझ के बेरा हमरा के जिला मख्यालय भेज दिहलस।
संगे संबंधी निराश आ हताश होके अपना अपना घरे लौट गइले। सबके चेहरा पर मायूसी के कुहासा छइले रहे. अइसन लागे जइसे ऊ लोग कवनों अपना प्रिय के अंतिम संस्कार कर के घर लौटल होखो। 
हम जेल में बंद सोचत रही कि छुट्टी में कवना जात्र के साथ घरे गइनी ह कि आज ई दिन देखे के पड़त बा। एक बार आंखी के सोझा बितल सारा घटना हमरा दिल आ दिमाग पर छा गईल। 
हम झरिया के एगो कोलियरी में काम करत रही। एक माह के छुट्टी मिलल त आपन गांव सारन चल गइनी। गांव में अखबार लेट से पहुंचत रहे । वहां लिखे पढ़े वाला विद्यार्थियन के हाथन में कभी कभार पत्र- पत्रिका देखे के मिल जाव। गांव के लोग जादा अपना खेती किसानी में परेशान रहत रहे। हां, सांझ खानी फुर्सत में ं लोग टीवी सेट आ रेडियो के पास बइठल दिखाई देव। उ लोग दउरी में भुंजा चबेना चबावत मजा ले लेके समाचार सुनते रहे ।
ओकरा बाद चौपाल के बइठकी में ओह पर विस्तार से चरचा करे। फेरू सुबह उठला के बाद उहे पुरान दिन चरजा देखे के मिले । अक्सर खेतन के जुताई, बुआई, निकौनी, सिंचाई आ कटनी में लोग व्यस्त रहत रहे । 
हमरा सुबह उठला के बाद काफी बोरियत महसूस होखे। एह से अखबार लेवे खातिर हम पास के ‘जनता बाजार ’ निकल जाई। उहां सारण जिला के मुख्यालय छपरा से बस आवत जा रही स। जवना पर विभिन्न अखबारन के बंडल आवत रहे। बंडल उतारला के बाद एजेंट लोग हॉकरन के अखबारन के प्रति बांटत रहे । ओही टाइम मेंं हमहूं मन पंसद अखबारन के एक एक गो प्रति खरीद लेत रहीं आ ओहींजा कल्लू चाय दुकान पर बइठ जाई। साथ ही चाय के चुस्की लेत सभी अखबारन के हेड लाइन सरसरी निगाह से देख लेत रहीं। फेरू घर अइला के बाद इंतमिनान से अखबार पढ़ी।
चाय दुकान पर बइठला के लाभ ई मिले कि बचपन में साथे पढ़े वाला कुछ पुरान साथियन से भेंट हो जाव. एही तरी सोमार के चाय दुकान पर बइठल रहीं ,तले एगो सड़क दुर्घटना हो गईल। एगो ट्रक सेंट जेबियर्स स्कूल के सामने एगो स्कूली बच्चा के रौंद के भाग गइल।
हमहूं दुर्घटना देखे खातिर स्कूल के तरफ भगनीं। स्कूली यूनिफार्म में चार बरस के एगो मासूम बच्चा के शत विक्षप्त शव खून से लथपथ पडल रहे। भीड़ में केहू बोलल कि लक्ष्का सेठ दीन दयाल के इकलउता बेटा ह। शव के पास सेठ के ड्राइबर रामू छाती पीट पीट के रोअत रहे। 
एही बीच घटना स्थल पर सफेद कुरता - पाजामा पहिड़ले दुगो नेता हेमंत आ बसंत अपना समर्थकन के साथे आ पहुंचलें। ऐने ओने से बांस बली, डीजल के खाली ड्राम, बेंच आदि लेके सड़क जाम कइले। सड़क के बीचों बीच टायर जला के स्कूल प्रबंधन आ स्थानीय प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करे लगले।
रोड जाम के खबर से बाजार में अफरा तफरी मच गइल। दूर दूर से कीना बेची करे आइल लोग जल्दी जल्दी भाग पड़ाइल। 
सूचना पाके जनता बाजार पुलिस घटना स्थल पहुंचल। थानेदार अनिल प्रसाद ने समुझा बुझा के जाम हटावे के कोशिश कइले । बाकिर नाकाम रहले। 
ऐने सड़क जाम के स्थिति बिगड़े लागल। भीड़ डीसी - एसपी के घटना स्थल पर बुलावे के मांग करे लागल। बिगड़त स्थिति के संभारे खातिर प्रशासन चउकस हो उठल। गवें गवें कई थाना के पुलिस, दारोगा, इंस्पेक्टर, डीएसपी आदि दल बल के साथ घटना स्थल पर पहुंच अइले। एही बीच स्कूल प्रबंधन मुर्दाबाद के नारे लगावत भीड़ स्कूल भवन पर पथरबाजी शुरू कर दिहलस। ़ आगे बढ़त भीड़ स्कूल के गेट उखाड़ फेंकलस। उहवां खड़ा वाहनन में आग लगा दिहलस। तैनात पुलिस कर्मी भी भीड़ के शिकार बने लगले। अचानक उहवां ं अराजकता के माहौल उत्पन्न हो गइल।
डीएसपी जइसहीं लाठी चार्ज के आदेश दे दिहलस , पुलिस पहिले भीड़ पर लाठी भंजलस आ ओकरा बाद कई हवाई फायरिंग भी कइलस। उग्र भीड़ भागे के बजाय पुलिस पर जुझ पडल। एकाएक धांय.धांय.धांय.गोली चले के आवाज से पूरा इलाका दहल उठल। 
छन भर में भीड़ तितर वितर हो गइल। जान बचावे खातिर लोग ऐने ओने भागे लागल। गोली लगला से कई लोग कटल पेड़ खानी नीचे गिरे लागल। घायल गिर के छटपटाये लगलें । उहवां के जमीन आदमी के खून से लाल हो गइल। धड़ाधड़ बाजार में दुकान बंद होखे लागल।
भाग रहल लोगन के पुलिस पकड़ पकड़ कर भान में ठूंसे लागल। देखे से अइसन लागत रहे जइसे पुलिस देश के अंदर घुस आइल कवनों घुसपैठियन पर कारवाई करत बिया। तड़प घायलन के पुलिस बेरहमी के साथे घसीट के भेड़ बकरियन नीयर ठूसे लागल। घटना स्थल पर पड़ल शवन के पुलिस माल जाल खानी लोड कइस. 
घटना के बाद पुलिस आस पास के गांवन में धड़ पकड़ शुरू कइलस। पुलिसिया दमन के कारण लोग गांव छोड़ के जहां तहां भागे लागल। समुचा इलाका दहशत में रहे। मारे आतंक आ भय से लोग अपना रिश्तेदारन के यहां शरन ले लेले रहे। काहे कि रात गश्ती में पुलिस गांव में पहुंच जाव आउर मन चाहा घर तोड़ के अंदर घुस जाव। कोने में दुबकल औरतन आ जवान लक्ष्कियन से अश्लील हरकत करे । विरोध करे वाली मेहरारुअन के झोंटा पकड़ के घसीटते थाना ले जाव। थाना में अमानवीय बेवहार कइल जाव। ओकनी के कोमल अंग पर डंडे बरसावल जाव। जवना से उ लोग मारे शरम के कुछ ना कह पावे ।
शोषन, अतियाचार आउर भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज उठावे वालन पर पुलिस झूठा केस लाद देत रहे। औरतन के लागत रहे कि पुरूष प्रधान एह समाज में स्त्रियन के अस्तीत्व कुछो नइखे। ई हो बुझात रहे कि ओह लोग के व्यथा आ तकलीफ सुने वाला कोई नइखे। ओह लोगने के आवाज बुलंद करे खातिर गांव, पंचायत त दूर प्रखंड में भी कवनो महिला संगठन ना रहे। 
घटना के बादो जनता बाजार थाना क्षेत्र में सन्नाटा पसरल रहे। एकदम करफ्यू जइसन स्थिति रहे। पुलिस के दमनात्मक रवैया आकाश छूअत रहे. अस्पतालन में इलाजरत घायलन के ऊपर भी आफत कम ना रहे। एक रात ओकनियों के पुलिस थाना उठा के ले गईल। 
गांवन में बूढ़न के भी रहल दुश्वार रहे। पुलिस भागल लक्ष्कन के बारे में सख्ती से पूछ ताछ करे। ऊ लोग इहे सोचे कि अतना जलालत त अंगरेजी हुकूमत में भी ना रहे। आजाद भारत के पुलिस अतना निरदई हो जाई, कबही सपनन में भी ना सोचले रहे लोग। समुचे देश में तनाशाह नेतवन आ जालिम पुलिस के कब्जा बढ़त जा रहल बा। चाह के भी आम आदमी ओकर मुकाबला नइखे कर पावत। भ्रष्टाचार के खिलाफ अन्ना हजारे के आंदोलन शुरू भइल त गांवन में एगो उम्मीद के किरिन फूटल। बाकिर आंदोलन से जुड़े लोग एक एक कर अलग होखे लागल त उम्मीद के पाला मार देहलस।
गोली कांड के दुसरके दिन अखबारन में सात लोगन के मरे, बीस के घायल आ तीस लोगन के गिरफ्तारी के सूचना छपल रहे। 
समाचार पढ के बाद लोग हतप्रभ रहे। घटना में सात लोगन के मरे के संख्या समझ से बाहर रहे। काहें कि अभी एक दर्जन से जादा लोग गायब रहे। घटना के बाद से ऊ लोग ना त अपना घरे पहुंचल रहे ना कवनों रिश्तेदार के पास ही रहे। पुलिस पर शव गायब करे के लांछन बढ़त जात रहे। कुछ लोग त अस्पताल, जेल में भी ढूूंढ़ ढूंढ के थक गइल रहे। ओह सभे के कतहीं सुराग ना मिलल।
पुलिस सड़क जाम करे वाला नेता हेमंत आ बसंत सहित पच्चीस क नामजद आउर दो सौ अनाम लोगन पर पथराव , तोड़फोड़ आ अगलगी के केस ठोकले रहे। एकरा अलावे 50 लोग पर आरम्स एक्ट के आरोप भी शामिल रहे। पुलिस के कहनाम रहे कि रोड जाम में नकसली संगठन के सदस्य रहस। 
राज्य सरकार मरे वालन के परजिन के नौकरी आ एक एक लाख रु पये मुआवजा देवे के साथे घायलन के पचास से पच्चीस हजार रु पये देवे के घोषणा कइले रहे।
घोषणा के बाद से बिचौलियन के मोछ ऊंचा हो गइल रहे। ओकनी के नौकरी आ मुआवजा के फार्म लेके गांवें गांवें घुमत रहस। फारम भरे खातिर पीड़ित परिवार से पचास से सौ रपिया ऐंठ लेत रहस. गंवई लोगन के समुझावे लोग कि प्रखंड कार्यालय में घोर भ्रष्टाचार बा। अधिकारी बिना पैसा लिहले फाइल आगे ना बढ़ा पइहें। 
पुलिस कप्तान आरके शर्मा भी घटना निरीक्षण के दौरान रोड जाम करे वालन में नकसलियन के हाथ होखे के बात कहले रहस। सरकार के भेजल रिपोर्ट में कहले रहस कि कि नकसली नेपाल से चंपारण के रास्ते सारन में घुसपैठ करके आइल रहस। घटना के बाद ऊ गांव में छुपल बाड़ेंनस। स्थानीय पुलिस के हर हाल गिरफ्तारी के आदेश रहे। एही रिपोर्ट के आधार पर बेकसुर लोग के बलि के बकरा बनावल गईल, जेमे हमरो के पुलिस एक रात गिरफ्तार कर लिहलस. 
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लेखक परिचय:-

पता: सब्जी बगान लिलोरी पथरा झरिया,
पो. झरिया, जिला-धनबाद, झारखंड(भारत) पिन 828111,
मो. 09431730244


अंक - 60 (29 दिसम्बर 2015)

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