संपादकीय

नाजाएज गठजोड़ - गुलरेज़ शहज़ाद

नाजाएज गठजोड़ से देखीं
राजनीति बिया गाभिन भईल।
नाजाएज जनमऊती के अब
जाएज एगो नाम धराई।
परसूती के पहिले के बा
गजब तमासा।
सुने में आइल बाटे जे कि
नाया बिधान बनावल जाता।
जेने देखीं ओने लउके
एकहीं सोंच के चट्टा बट्टा
अट्टा पट्टा मार झपट्टा।

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लेखक परिचय:-

कवि एवं लेखक
चंपारण(बिहार)
E-mail:- gulrez300@gmail.com
अंक - 20 (24 मार्च 2015)

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