संपादकीय

हम त तोहसे प्यार करिके सब कुछ पयिनी

हम त तोहसे प्यार करिके सब कुछ पयिनी
जिए के लुर आ गइल हम आवारा भइनी
हम त तोहसे ..........................

तोहरा बिनु प्यार अउरी प्यार बिनु जिनगी बेकार बा
घर कर जाला उ दिल में
सउसे पर ओकरे अधिकार बा
जबसे छुवनी तोहरा लब के
कहिके ना हम रह गईनी
हम त तोहसे ..........................

इन्तेजार के लत लागल
नींद चैन दूर भागल
हिट मित साथी संघाती भौजी अब कहनी
बबुआ रउरा ई कइसन दशा बनवनि
हम त तोहसे ..........................

तोहरा के साथे बहुत कुछ समझ गईनी
पढले कुछु अउरी रहनी ,अरथ कुछु अलगे पवनी
तोहरा खातिर सारा गीत दोसरे के गुनगुनायिनी
हम त तोहसे ..........................

इ दिलवा के खेल अजबे निराला होला
हार मे भी जीत कबो जीतवो मे हार होला
फुल के उमीद रहेला जवना डगरिया
वोही डगरिया रखल शुल होला
तोहरे कारन हम बहुते भेद जान गयीनी
हम त तोहसे ..........................

करेम इन्तेजार जबले , तु हुमके ना मिल जइबु
घुम लेबु सगरो , ह्मरा खानी प्रेमी नाही पइबु
प्रेम के डगरिया बा बहुते कठीन हो
हार नाही मानेम ह्म येकर एहसास जान गयीनी
हम त तोहसे ..........................
-------------------जलज कुमार अनुपम

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