राउर मुस्की - डॉ. रमाशंकर श्रीवास्तव

राउर मुस्की के चुस्की पर
हम तऽ लुटा गइनी
मन भइल, तनी भर गाल बतियइती
हमरा बात पर रउआ अइसन हँसनी
भहरा गइल भीतर के दांत जमीन पर
अइसन छितराइल मोती देख के
हमरा तऽ ठकुआ मार देहलस।
-------------
डॉ. रमाशंकर श्रीवास्तव भोजपुरी कविता साहित्य मैना पत्रिका
डॉ. रमाशंकर श्रीवास्तव

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें

मैना: भोजपुरी साहित्य क उड़ान (Maina Bhojpuri Magazine) Designed by Templateism.com Copyright © 2014

मैना: भोजपुरी लोकसाहित्य Copyright © 2014. Bim के थीम चित्र. Blogger द्वारा संचालित.