कहिया ले अइबs मोरे पिया - गणेश नाथ तिवारी 'विनायक'

कहिया ले अइबऽ मोरे पिया परदेसिया
पतिया पेठवत नइखऽ
तुहि बाड़ जिनगी के संघतिया
कहिया ले अइबऽ.....

संघे रातदिन रहे के सपना सजवली
तोहरे सुरतिया अपना हिया में बसवली
गइलs परेदेस कइसे बिगड़ल तोहार मतिया
कहिया ले अइबऽ.....

तोहरे आसरा में बितावतानी रतिया
रहि रहि याद आवे बीतल कुल बतिया
तोहरे बिगाड़ल हवे सगरो अदतिया
कहिया ले अइबऽ.....

तोहरा बिनु सुन अब लागेला सेजरिया
तित खूब लागे जब बोले कोयलरिया
साँच पूछी भइल अब नेटवे संघतिया
कहिया ले अइबऽ.....
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