धिया - जयशंकर प्रसाद द्विवेदी

देई-देई बोलावा
दुअरे बजना बजवावा
अँगने कोइली अस कुंहुकी
दुलारी धिया हो।

सासु गोतिन के जगवा
मिलजुल सोहर उठावा
ननदो तोहरे अस चंहकी
पियारी धिया हो।

बाबा पुतरी मे बसावा
खुल के मोहरा लुटावा
तोहरे बगिया मे मंहकी
नियारी धिया हो।

बिटिया होइहें सेयान
रखिहें सभकर धेयान
दुनहूँ कुलवा के सँवारी
सुकुवारी धिया हो।
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लेखक परिचय:-
इंजीनियरिंग स्नातक;
व्यवसाय: कम्पुटर सर्विस सेवा
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