भोजपुरी के दुर्भाग्य - मनोज भावुक

राउर चिट्ठी पढ़ के
मन बहुत खुश भइल।
रउरा जापान में वैज्ञानिक बानी।

जापान जाइयो के ,
रउरा भोजपुरी याद बा ?

लोग त दिल्ली जाते
भोजपुरी भुला जाला !

रउरा वैज्ञानिक बानी,
माडर्न टेक्नोलाजी के विद्वान
तबो रउरा भोजपुरी याद बा ???

लोग त चपरासी बनते
भोजपुरी भुला जाला ।

पता ना लोग
अपना माई-बाप के
के तरे याद राखत होई?
--------------------------------------------
लेखक परिचय:-
नाम: मनोज भावुक
पहिले युगांडा अउरी लन्दन में इंजिनियर
अब मीडिया/टीवी चैनल और फिल्मों में सक्रिय
रचना: तस्वीरी जिंदगी के
अउरी चलनी में पानी
संपर्क - EMAIL- manojsinghbhawuk@yahoo.co.uk
Mob - 09971955234

कोई टिप्पणी नहीं:

टिप्पणी पोस्ट करें

मैना: भोजपुरी साहित्य क उड़ान (Maina Bhojpuri Magazine) Designed by Templateism.com Copyright © 2014

मैना: भोजपुरी लोकसाहित्य Copyright © 2014. Bim के थीम चित्र. Blogger द्वारा संचालित.