संपादकीय

कहs गाँव कs घर कs केशव - अक्षय कुमार पाण्डेय

बहुत भइल बेपर कs केशव,
कहs गाँव कs घर कs केशव!

ईंटा कs जंगल में हम तs
शहर जी रहल बानीं,
कंकड़-पत्थर नाता-रिश्ता
आपन इहे कहानी,
बाग बगइचा ताल नहर कs
कहs खेत पोखर कs केशव!

सँइचल आग गँवा के आपन
सपना जोड़त बानीं,
नून मिलल पानी में निबुआ
रोज निचोड़त बानीं,
लैनू माठा मीठ किकोरी
दूध दही सिकहर कs केशव!

पुतरी में आकाश उतारल
भूलि गइल अब मन ई,
धार संग हँस बहत रहे
अब थिर लागे जीवन ई,
पानी कs ऊ अकथ कहानी
नदिआ नाव लहर कs केशव!

रोज बिछावत रोज चपोतत
मन अब फाट गइल बा,
शहरी नेत नियाव नीत
सइ टुक में बाँट गइल बा,
जुम्मन अलगू बुधिया होरी
धनिया आ गोबर कs केशव!
---------------------------------------------------

लेखक परिचय:-
नाम: डॉ. अक्षय कुमार पाण्डेय
पता: रेवतीपुर (रंजीत मुहल्ला)
गाजीपुर-232328 (उ. प्र .)
मो. नं. - 09450720229
ईमेल: akshaypandey00@gmail.com

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें

मैना: भोजपुरी साहित्य क उड़ान (Maina Bhojpuri Magazine) Designed by Templateism.com Copyright © 2014

मैना: भोजपुरी लोकसाहित्य Copyright © 2014. Bim के थीम चित्र. Blogger द्वारा संचालित.