संपादकीय

हे हे हे हे - गुलरेज शहजाद

सुनीं सुनीं देखीं हेने
खाईनी ठोंक पर
हरा बाजी लागल बाटे
के पटकाई
के केकरा पर चढ़ी
चलीं चलीं देखे
हे हे हे हे
हे हे हे हे।
.....................................................
लेखक परिचय:-
नाम - गुलरेज शहजाद
कवि एवं लेखक
चंपारण (बिहार)
E-mail:- gulrez300@gmail.com

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें

मैना: भोजपुरी साहित्य क उड़ान (Maina Bhojpuri Magazine) Designed by Templateism.com Copyright © 2014

मैना: भोजपुरी लोकसाहित्य Copyright © 2014. Bim के थीम चित्र. Blogger द्वारा संचालित.