संपादकीय

एकदमे बारें अनाड़ी - दिलीप कुमार पाण्डेय

छल कपट कुछ ना जानस
एकदमे बारें अनाड़ी,
लाखो रोपेया घोंटलो का बाद
आज ले बारें भिखारी,
रात-दिन ऊ घरे-घरे घूमलें
मानी बिनय हमारी,
अबकि अगर जीत गएनी तऽ
बनी छत पर घर सरकारी।
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लेखक परिचय:-
नाम-दिलीप कुमार पाण्डेय
बेवसाय: विज्ञान शिक्षक
पता: सैखोवाघाट, तिनसुकिया, असम
मूल निवासी -अगौथर, मढौडा ,सारण।
मो नं: 9707096238


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