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कैसे बोलों पंडिता - संत गोरखनाथ

कैसे बोलों पंडिता देव कौने ठाईं

निज तत निहारतां अम्हें तुम्हें नाहीं । (टेक )

पषाणची देवली पषाणचा देव,
पषाण पूजिला कैसे फीटीला सनेह । 

सरजीव तैडिला निरजीव पूजिला,
पापची करणी कैसे दूतर तिरिला ।

तीरथि तीरथि सनान करीला,
बाहर धोये कैसे भीतरि मेदीला । 

आदिनाथ नाती म्छीन्द्र्नाथ पूता ,
निज तत निहारे गोरष अवधूता ।। 
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लेखक परिचय:-

१०वी से ११वी शताब्दी क नाथ योगी







अंक - 57 (8 दिसम्बर 2015)

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