करनी के भोग - उमेश कुमार राय
रोपेया के चमक-दमक जब आपन रुप देखावे ला त मति फिरि जाला,आंखि प गुरुर के छोपनी चढ़ि जाला,मति उलुटा हो जाला आ मन बेलाम घोड़ा बन जाला।बड़का- बड़...
रोपेया के चमक-दमक जब आपन रुप देखावे ला त मति फिरि जाला,आंखि प गुरुर के छोपनी चढ़ि जाला,मति उलुटा हो जाला आ मन बेलाम घोड़ा बन जाला।बड़का- बड़...