धोबियापाट - चौधरी कन्हैया प्रसाद सिंह 'आरोही'
छेदी सिंह उत्तर तरफ से आवत रहन जबकि ऊ ओनही ओही गली में जात रहे. छदी ओकरा फुटलो आँखि ना भावस. पढ़ाई लिखाई साथे भइल. ओहि घड़ी केहू रहे आँख मिल...
छेदी सिंह उत्तर तरफ से आवत रहन जबकि ऊ ओनही ओही गली में जात रहे. छदी ओकरा फुटलो आँखि ना भावस. पढ़ाई लिखाई साथे भइल. ओहि घड़ी केहू रहे आँख मिल...
रातिभर दुनु परानी सुति ना पउवींजा। करवट बदलत अउर एन्ने-ओन्ने के बाति करत कब बिहान हो गउए पते ना चलुवे। सबेरे उठते मलिकाइन चाय बना के ले उअ...
कल्हिए रमेसर काका एगो टाली के परची दे गइल रहुअन। ऊँखी छिलवावे के रहुए एसे आजु सबेरवें ऊँखी छिलवावे खातिर पूरा गाँव की लोग के चला के हमहुँ ...
खेदारू के बिआह फूला संघे बड़ी धूमधाम से भइल। बिदाई के बेरा फूला के माई-बाप, भाई-भउजाई, चाचा-चाची सभे उदास रहे। फूला के सखी चमेलियो कम उदास ...
मुन्नर बाबा कवनो जयोतिसी ना हउअन ना कथा बाँचेवाला पंडित। मुन्नर बाबा तS एगो साधारण गँवई हउअन। उनकी लगे दु-चारी कठा खेत बा। बस ओही में अझुर...
तिजहरियवाँ छाँटी काटत रहनी तवले कहीं माई घर में से हाँक लगावत निकललि, "ए मझिलू! ए मझिलू! काहाँ बाड़S हो? अरे तनि लवना-ओवना के इंतिजाम...
गुरदासपुर, अगस्त 1937 मीरा हवा खाए खातिर चलल जात रहे, लेकिन ओकर गरदन निच्चे झुकल रहे, आँखि आधा खुलल रहे। आ ओकर ध्यान अपनी नगिच्चे की चीजुए...
सुमित आपन गाँव के होनहार लइकन में सबसे तेज लईका रहले। इनका लईकाइये से पुलिस में काम करे के बड़ी शौक रहे। उ हरमेश कहत रहले की हमनी के देश के...
(सब लड़िका क्लास के एगो कोना में बिटोराइल बा, दुगो बेंच गिरल बा चिरकुटवा ओहिमें दबाके माई-माई चिचियाता, लबेदा सुथनी एकदोसरा के झोंटा नवा के...
(सभे क्लास में जहां तहां बईठल बा) खदेरन-जानत बारे ढोंढा भाई...एगो आउर नाया गाना हमार छोटका बाबूजी लिखले ह आ अपना दोस्त से गवईहें.. ढोंढ...
वाह री गुलजारो ! तोहार बेटा डागदर का बन गइल, तु त चांदी काटे लगलू । आउर सहर तोहार भेस-भूसा ,पहनावा बदल देहले बा। बाकि नइखे बदलल त तोहार इ...
'पगला-पगली' भोला प्रसाद 'आग्नेय' कऽ भोजपुरी कहानी संग्रह हऽ। सन 2008 में भोजपुरी संस्थान से परकासित भइल एह संग्रह में कुल्ह...
नया पायेट-सर्ट, सेंट गमकउआ, काँधे पर गमछा बाबाधाम आला, गोर में चमड़उआ जूता अउर मुँह में पान चबात, पिच-पिच थूकत जब झुना भाईवा घर से निकलन आ...