इयाद में बसल भोजपुरी साहित्यकार चौधरी कन्हैया प्रसाद सिंहः भोजपुरी भाषा-साहित्य के एगो अनन्य साधक आ पुजारी - डा. चंद्रेश्वर
सन् 1979-80 के आसपास आरा शहर में बहुते सक्रियता, सरगरमी आ हलचल रहे; खलिसा साहित्ये ना, सियासतो के संसार में। एह छोटहन क़स्बाई शहर में सेना, ...










