संपादकीय

कन्या भ्रूण कऽ शिकायत - योगेन्द्र शर्मा 'योगी'

बान्हल बा पगरी कपरां
अरु सेखी बघारत बा मोछिया
पाथी जवारी में नाम बड़ी
बाकी पेटे में मारत बा बिटिया।

चलत बा धरती के दबावत
गावत बा गितिया रहिया
कहत बा बड़का घरवा
बाकी नीच देखावत बा बुधिया।

पूछ न पावत बा बिटिया
काहें मरेला बाऊ मोहें कोखिया
कवन बाटे बेजाँय बतावा कि
भारी भईल दुई गो रोटिया।

भाई क सून कलाई भईल
काहें पाथर सा कईला छतिया
भऊजाई के ननद मिली कहाँ
केसे करी ठिठोली करी बतीया।

सुन दुआर लजात रही
मड़वा के बिना तरसी अंगना
पास पड़ोस जुटी ना कभों
नाहीं आई बरात बजी बजना।

दान बिना मुकती ना मिली
फिर बोला कहाँ खोजबा कनियाँ
लड़े बदे समधी ना मिली
समधिन ना मिली ना करी बतिया।

धान बचल धनियां भी बचल
खिचड़ी क सूना गठरी भी बचल
दहेंज बियाहे क बच गयल
दुलही के ए गो चुनरी भी बचल।

साथ निभावत बा महतारी
ना करत बा हमरी बतिया
आपन हाँथ दबाय हमें
उहै करत बा हमरी हतिया।

मानव डूबल स्वारथ में
अँखिया से हेराईल बा लजिया
केसे शिकायत आज करीं
सबही के दहेंज क बा लोभिया।

पाथी जवारी में नाम बड़ी
बाकी पेटे में मारत बा बिटिया।
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लेखक परिचय:-

नाम: योगेन्द्र शर्मा 'योगी'
ठेकाना: गांव-पोस्ट - भिषमपुर,
तहसिल - चकिया (232103)
डिस्ट्रिक्ट - चन्दौली, उत्तरप्रदेश
शिक्षा -स्नातकोत्तर, राजनिति शास्त्र 
 

अंक - 109 (06 दिसम्बर 2016)


1 टिप्पणी:

  1. दिल को टच करती लाजवाब कविता और कवि को मेरा प्रणाम

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