संपादकीय

सपना के सेजिया - राधा मोहन चौबे 'अंजन'

सपना के सेजिया, सुरतिया के सारी
असरा के अँखिया, जिनिगिया कुँआरी

पले-पले पलकों के पगली पलकिया
डोलि-डोलि डहकेली अँसुआ के थतिया
कलपि-कलपि काहे काँपे ई केवाड़ी

रुपवा के रँगवा रगकरि के समइया
ले गइल दूर कवनो रेतवा में नइया
सुसुकेली साँझि केकर रहिया निहारी

पूछेला खबरिया जवनिया के पानी
अँखिया में चुभुकेली सब जिंदगानी
पगली सनेहिया का जिनिगी उबारी

दर-दर दरकेला दिल के दरदिया
पहुँचा पिराला रोज पीसत हरदिया
जिनिगी बुझाली जइसे घन बँसवारी
------------------------------------

लेखक परिचय:-

नाम: राधा मोहन चौबे 'अंजन'
जनम: 4 दिसम्बर 1938
जनम थान: शाहपुर-डिघवा, थाना-भोरे
गोपालगंज, बिहार
रचना: कजरौटा, फुहार, संझवत, पनका, सनेश, कनखी, नवचा नेह,
अंजुरी, अंजन के लोकप्रिय गीत, हिलोर आदि

अंक - 107 (22 नवम्बर 2016)

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें

मैना: भोजपुरी साहित्य क उड़ान (Maina Bhojpuri Magazine) Designed by Templateism.com Copyright © 2014

मैना: भोजपुरी लोकसाहित्य Copyright © 2014. Bim के थीम चित्र. Blogger द्वारा संचालित.