संपादकीय

भाईजी भोजपुरिया - डा उमेशजी ओझा

माई भाखा भोजपुरी के विकास में जीव-जान से लागल भोजपुरी सेवियन में कुछ गिनल-चुनल नावन में से बडी आदर से श्री बी. एन. तिवारी (भाईजी भोजपुरिया) के नाव लिहल जाई। ई अईसन मनई के नाव ह जे पिछला कई बरिसन से भोजपुरी के बढंती खातिर अपने आप के पूरा तरह से समर्पित कर दिहनी। भोजपुरी भाखा के विकास में ईहाँ के बहुते बङ्हन योगदान रहल। ईनका जइसन उदार ह्रदय, उज्ज्वल आचारण आ गम्भीर व्यक्तित्ववाला साहित्यकार बहुत कमें देखेके मिलेले. 

श्री बी. एन. तिवारी जी के जनम 3 अप्रैल 1940 ई0 के शाहाबाद अब बक्सर जिलान्तगर्त ग्राम नंद्पुर पो0- बलुआ (निमेंज) थाना- ब्रहम्पुर में भइल रहे. इहाँ के बाबुजी के नाव स्व0 पं0 लीलाधर तिवारी आ माई के नाव स्व0 फुलझरी देवी रहे. 
इहाँ के चारिगो बहिनियन के बीच में अकेले भाई रहनी. जेह से माई बाबुजी, बहिन आ फुआ के खुबे दुलार मिलल. साल 1962 में 
इहाँ के बी0 ए0 प्रतिष्ठा से पास कइनी.  
इहाँ 
के गीत आ गायकी में मन लागत रहे. स्कुल जीवने से 
इहाँ 
के टुटल फुटल शब्दन में कविता बना के गावत रहि. साल 1958 से 1962 तकले आकाशवानी पटना में गायक के रुप में रहनी. एह सब के उहा के प्रेरना उनका आपन विरासत से मिलत रहे. उहा के स्व0 चाचाजी गणेश तिवारी “प्रशांत” जी खुद एगो लेखक रही. जे एगो लेखक, कवि- गीतकार, गायक तथा आकाशवाणी पटना के सुविख्यात कलाकार के रुप में सम्मानित रही. जिनका द्वारा बी.एन. तिवारी जी के प्रोत्साहित कइल जात रहे. श्री बी.एन. तिवारी जी पुलिस में नोकरी बडी ईमांदारी से कइनी. सफलाता के सिढी चढ्त उहा के उप आरक्षी अधीक्षक से सेवा निर्वित भइनी.

गीत लेखन आ गायेन में उहाँ के खास कऽ के 1980 से विशेष रुची लेवे लगनी. भोजपुरी गीतन के ओरि झुकाव देखिके उहा के चाचा स्व0 प्रशांत जी आपन नृत्य नाटिका “तोहरे प हमरो गुमान” में गाये के सहभागिता दिहनी. एकर सफल प्रस्तुति प देश- विदेश में भोजपुरी माटी आ ओकर महक लोगन तक पहुचल. ओकरा बादे भोजपुरियन में एगो नया नाव भाईजी भोजपुरिया उभर के परदा प आईल. ओकरा बाद से का कहल जाउ ई नाव भोजपुरियन में आदर से लिहल जाये लागल. 

ओकरा बाद त भाई जी भोजपुरीया जी आपन तन मन से भोजपुरी के मान मर्यादा में लाग गईनी. “अखिल विश्व भोजपुरी विकास मंच जमशेदपुर झारखंड के गठन भईल जेकर ईहा के अध्यक्ष रहनी. जिनका निर्देशन में एगो बडहन प्रोग्राम भईल. ईहा के कईगो संस्था आ पत्रिका के संरक्षक आ आजीवन संरक्षक रही , जवना में मुख रुप से धरोहर संरक्षक सेवा समिति वराणसी, ग्लोबल भोजपुरी “बिदेशिया” वेबसाईट, मानवीये सेवा अर्पण केंद्र – “जग्रति” आरा भोजपुर बिहार, नागपुरी सांस्क्रति सेवा संघ रांची, फिल्म राईट्र्स एसोसियशन मुम्बई, आ निर्भिक संदेश (भोजपुरी –हिंदी की साहित्यिक पत्रिका) जमशेद्पुर, एकरा अल्लावे भोजपुरी संसार (भोजपुरी पत्रिका) लखनऊ के सम्पादकिय सलाह्कार भी रहनी. टी. सिरीज के मुख्य सलाहकार सह कानुनी परामशर्दता रहनी. वोर्ल्ड भोजपुरी कंवेंसन मारीशस के ओवरसिज मेंम्बर रहनी. भोजपुरी परिवार संघ मसकट के अंतरास्ट्रिये मुख्य सलाहकार भी रही. एह सब से हटी के ना जाने कतने संस्थान के संरक्षक रहनी. 

उहा के विचार असमान के गहराई नापत नीक , सराहनिये आ उच्च कोटी के विचार बा . उहा के विचार में, “ कवनो अईसन फेड नईखे जवना के डालियन में लागन पतअई में हवा के हल्का वेयार ना लगल होखे. स्रिस्टी में अईसन कवनो आदमी नईखे जेकर जिंगी रुपी फेड प लागल अनेकन घटनन के टहनियन के पतई प प्यार के वेयार आ सरस सावन के बौछार से सराबोर प्यार के फुल ना खिलल होखे. ईहे त जीवन के क्रम ह जेकरा से होके हर आदमी के गुजरेके पडेला. एकरा के चाहे कहु बोले भा ना बोले, कोई लिखे भा ना लिखे बाकी सांच ईहे ह आ सांच हर आदमी के सोझा रहेला.” 

श्री बी. एन. तिवारी (भाईजी भोजपुरिया) के बारे कतनो लिखल जाउ कम होई. हमरा जताना उहा के बारे में जानकारी रहल ओकरा अनुसार लिखले बानी. अगर कुछ गलती हो गईल होखो तो जानेवाला से माफी चाहब. आ ईहो चाह्ब कि उ जानकारी उहा के बारे में सभके सोझा आओ आ आवेवाला पीढी उनका बारे जान सकस.
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लेखक परिचय:-

पत्रकारिता वर्ष १९९० से औरी झारखण्ड सरकार में कार्यरत 
कईगो पत्रिकन में कहानी औरी लेख छपल बा 
संपर्क:- 
हो.न.-३९ डिमना बस्ती 
डिमना रोड मानगो 
पूर्वी सिंघ्भुम जमशेदपुर, झारखण्ड-८३१०१८ 
ई-मेल: kishenjiumesh@gmail.com 
मोबाइल नं:- 9431347437
अंक - 94 (23 अगस्त 2016)

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