संपादकीय

पिया नाही घरवाँ - जयशंकर प्रसाद द्विवेदी

ननद तोरी बोलिया

हहरे ला हियरा हमार हो रामा। ननद तोरी बोलिया॥ 

पियवा गइल मोर सवत के देशवा 
अबो ले न भेजलस एकहु सनेसवा 
तलफ़े ई बिरही नार हो रामा। ननद तोरी बोलिया॥ 

सुगना बनाई मोर पियवा फंसवलस
गउवाँ गिरउवाँ के नउवाँ हंसवलस
भइल मोर जिनगी बेकार हो रामा। ननद तोरी बोलिया॥ 

उहो रे सवतिया कहीं बुड़ि धँसी जईती
चाहे कवनों रेलिया मे जाई कटी जईती 
लेती हम उहाँ निहार हो रामा। ननद तोरी बोलिया॥ 

पिया नाही घरवाँ

चढ़ी गइलें चैत खुमार हो रामा। पिया नाही घरवाँ॥ 

केकरा से उचरीं हम मनवां क पीरिया
पिया के पिरितिया मे पागल तिरिया 
नन्हके बा देवरो हमार हो रामा। पिया नाही घरवाँ॥ 

ओठवे पर नाचत मधुरी मुसुकिया
मन मोर डहकत लेता सुसुकिया 
देहिया मथत बोखार हो रामा। पिया नाही घरवाँ॥ 

अंग अंग मोर पिरित के पियासल
तोरे बिन सजना सेजरियों उदासल 
लहे लहे बहत बेयार हो रामा। पिया नाही घरवाँ॥ 

केकरा ओढ़ाईं चुनरिया

अँगना छींटाइल अंजोरिया हो रामा
गोरिया मातल रहे। 

अमवा के मोजरी से कोइलर के बोलिया 
आवत चइतवा मे ताना देहलस छलिया 
कइसे सम्हारी नजरिया हो रामा 
गोरिया मातल रहे। 

मनवा रंगइल बा संइया के रंग मे 
उठेला सिरहिरी मोरे अलसाइल अंग मे 
कइसे सजायीं सेजरिया हो रामा 
गोरिया मातल रहे। 

मधुर पवन अब मधुमय भइलें 
संइया भँवरा मोर कतों न देखइलें 
केकरा ओढ़ाईं चुनरिया हो रामा 
गोरिया मातल रहे। 
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लेखक परिचय:-

मैनेजिग एडिटर (वेव) भोजपुरी पंचायत
बेवसाय: इंजीनियरिंग स्नातक कम्पुटर व्यापार मे सेवा
संपर्क सूत्र: 
सी-39 ,सेक्टर – 3 
चिरंजीव विहार, गाजियावाद (उ. प्र.) 
फोन : 9999614657
अंक - 76 (19 अप्रैल 2016)

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