संपादकीय

बेबसी - सूरज द्विवेदी 'सरस'

दुशमन के, पूत जइसन दुलारे के बेबसी। 
ई बाटे कवन करजा उतारे के बेबसी? 

नइखे उ कवनो लाएक, बाकी बा राज ओकर! 
जन के बा ओकरे पाँव पखारे के बेबसी। 

कतहूँ हेरा गइल ऊ, बाकी बा आस जीयत। 
कहिआ ओराई राह निहारे के बेबसी? 

सूखा आ बाढ़, जीयले के असरा मुआ देहलस 
घर गाँव तजि के जिनगी गुजारे के बेबसी! 

रूपेया के कमी बा, त मजूरा बने के होई! 
झेले के पड़ी डेगे डेग, हारे के बेबसी। 

सपना नीमन त बाटे सच देखला से पहिले! 
फेरू आई 'सरस' सपना के मारे के बेबसी।
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लेखक परिचय:-

नाम: सूरज द्विवेदी 'सरस' 
काम: फिल्म लेखक 
संपर्क ई पत्र: surajdwivedisaras@gmail.com 
संपर्क भ्रमणध्वनि: +919763808977 
मूल निवासी: जिला देवरिया 
वर्तमान: मुंबई


अंक - 47 (29 सितम्बर 2015)

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